हरियाणा में वर्षों से कार्यरत ठेका कर्मियों ने ठेका प्रथा समाप्त कर पक्का करने और तब तक समान काम समान वेतन व सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलन करने का लिया फैसला

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा की अध्यक्षता में आयोजित ठेका कर्मचारियों की राज्य स्तरीय कन्वेंशन में लिया गया फैसला

भूप एक्सप्रेस।
रोहतक (रोहित सोलंकी)। हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों में वर्षों से कार्यरत ठेका कर्मियों ने ठेका प्रथा समाप्त कर पक्का करने और तब तक समान काम समान वेतन व सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलन करने का फैसला लिया है। आंदोलन का यह निर्णय रविवार को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा की अध्यक्षता में आयोजित ठेका कर्मचारियों की राज्य स्तरीय कन्वेंशन में लिया गया। आंदोलन के निर्णयानुसार नवंबर महीने में सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों, नगर निगमों,परिषदों, पालिकाओं और परियोजनाओं में अलग अलग नामों से कार्यरत ठेका कर्मियों को लामबंद करने के लिए बैठकें आयोजित की जाएगी।

आंदोलन के अगले चरण में सभी जिलों में संयुक्त बैठकों का आयोजन करते हुए दिसंबर में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए जाएंगे। प्रदशनों की समीक्षा करने उपरांत अगले आंदोलन का ऐलान किया जाएगा। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव द्वारा संचालित इस बैठक में विभिन्न विभागों में कई कई सालों से कार्यरत ठेका कर्मियों ने भाग लिया और आंदोलन के प्रस्ताव का पुरजोर समर्थन किया। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान सुभाष लाम्बा ने कहा कि प्रदेश में जनसंख्या के मुताबिक 12 लाख नियमित कर्मचारी होने चाहिए, जबकि केवल 1.85 लाख ही कार्यरत है। इसलिए फ़ौरन 2 लाख कच्चे कर्मचारी जोकि अनुबंध, डीसी रेट, पार्ट टाइम, फिक्स वेतन, गेस्ट, आउटसोर्सिंग पालिसी नम्बर 1 व 2, आईटी पालिसी हारट्रोन, टर्म अप्वाएंटी, पंचायती कर्मी, जॉब वर्क व एनएचएम सहित अन्य परियोजनाओं में कई पदनामों से लगे हुए है, को पक्का किया जाए। शेष बचते 8 लाख पदों पर पक्की भर्ती कर युवाओं को रोजगार दिया जाए। कन्वेंशन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर भाजपा-जजपा की गठबंधन सरकार द्वारा असवैधानिक रूप से बनाए गए हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड को तुरन्त भंग करने की मांग की गई।

इसके इलावा 31 अक्टूबर को प्रदेश भर से बर्खास्त व छँटनी किए गए कर्मचारियो की बहाली की मांग को लेकर करनाल प्रदर्शन में भी भाग लेने का एलान किया गया। कन्वेंशन को एसकेएस के मुख्य संगठनकर्ता धर्मवीर फोगाट,सीसी सदस्य विजय, मलिक सीटू नेता बलबीर दहिया, सतबीर सिंह, रोडवेज वर्कर यूनियन के प्रधान इंद्र सिंह बधाना व महासचिव सरबत पुनिया ,जय कुवार दहिया, एएचपीसी वर्कर यूनियन की केन्द्रीय कमेटी के सचिव समून खान,मनोज जाखड़, मकैनिकल वर्कर यूनियन के नेता अतर सिंह केशवाल भी मौजूद थे। कन्वेंशन में छंटनी ग्रस्त व बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली की मांग को लेकर 31अक्टूबर को करनाल में आयोजित प्रदर्शन का भी पुरजोर समर्थन किया गया।

कन्वेंशन में निम्न विभाग के ठेका कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया

कन्वेंशन में स्वास्थ्य विभाग व आईटीआई में काम करने वाले ठेका कर्मी, विश्विद्यालयों व कालेज में कार्यरत अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर, सरकारी कालेज में कार्यरत लेब अटेंडेंट व कम्प्यूटर लेब अटेंडेंट, शिक्षा विभाग में कार्यरत गेस्ट टीचर, पार्ट टाइम स्वीपर, एजुसेट चौकीदार, आयुष व पुलिस विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, कोरोनकाल में खोले गए कोविड हस्पतालों के कर्मी, एनएचएम (आरसीएच) की मल्टीपर्पस हेल्थ वर्कर, फायर कर्मी, मेवात मॉडल स्कूल व आरोही स्कूलों के शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मी, बिजली के अनुबंधित कर्मचारी, सिंचाई, बीएंडआर व पब्लिक हेल्थ के टर्म अप्वाएंटी, जॉब वर्क, पंचायती पम्प ऑपरेटर, सीवर मेन व ठेका कर्मी, बागवानी विभाग के ठेका कर्मियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।