मॉडल संस्कृति स्कूल, पानीपत में पुलिस ने छात्राओं को साइबर अपराध और उससे बचने की सावधानियों से कराया अवगत

भूप एक्सप्रेस।
पानीपत (नंदपाल)।
डिजिटल युग में बढ़ रहे साइबर अपराधों पर जागरूकता पैदा करने के लिए हरियाणा के पुलिस के महानिदेशक आई पी एस प्रशांत कुमार अग्रवाल के आदेशानुसार पूरे प्रदेश में पुलिस विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाया गया है। इसी क्रम में पानीपत पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन (आईपीएस) के कुशल मार्गदर्शन में विभिन्न स्कूल कॉलेजों में पहुंचकर छात्राओं को साइबर अपराध की विस्तार से जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है।

जागरूकता अभियान के जिला में नोडल अधिकारी डीएसपी संदीप ने मंगलवार को जीटी रोड लाल बत्ती चौक के पास स्थित मॉडल संस्कृति स्कूल में पहुंचकर छात्राओं को साइबर अपराध क्या है और किस प्रकार सावधानी बरत कर इससे बचा जा सकता है? इसकी विस्तार से जानकारी दी।

उन्होनें बताया अपनी बैंक संबंधी जानकारी किसी से भी सांझा ना करें तथा फ्रॉड व संदिग्ध काल का अंदेशा होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि कोई व्यक्ति ठगी का शिकार ना हो सके। साइबर क्राइम के बारे में जागरूकता ही साइबर ठगी से बचने का बेहतर उपाय हैं। कई बार व्यक्ति लालच में आकर अपनी सारी जानकारी किसी दूसरे व्यक्ति को दे देते है और साइबर ठगी का शिकार हो जाते है तथा अपनी मेहनत की कमाई से हाथ धो बैठते है। उन्होंने कहा कि जागरूकता व सतर्कता से ही साइबर ठगी से बचा जा सकता है। इस अवसर पर उन्होंने स्कूल स्टाफ व छात्राओं से आह्वान किया की वे खुद इस संबंध में सावधानी बरतें तथा अपने आसपास के ज्यादा से ज्यादा लोगों को साइबर क्राइम से बचने के बारे में जागरूक करें ताकि भविष्य में कोई ठगी का शिकार ना हो पाएं।

उन्होंने कहा कि आजकल हर प्रकार के कार्य ऑनलाइन होने लगे हैं। शिक्षा से लेकर वित्तीय लेन-देन तक सब ऑनलाइन हो गया है लेकिन इस दौरान हमारे द्वारा बरती गई थोड़ी-सी लापरवाही का फायदा उठाकर साइबर अपराधी साइबर क्राइम को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे अपराधों से बचने के लिए हमारा जागरूक होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट का प्रयोग करते समय हमें किसी भी अनवेरिफाइड साइट या लिंक पर नहीं जाना चाहिए। कई बार अपराधी लिंक भेजकर या किसी वेबसाइट पर पैसों का लालच देकर ठगी की वारदात को अंजाम देते हैं। उन्होंने कहा कि आजकल युवा वर्ग सबसे ज्यादा सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। खासकर फेसबुक, इंस्टाग्राम या अन्य सोशल मीडिया साइट्स का इस्तेमाल करते समय हमें किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार करने से बचना चाहिए। अक्सर देखने में आया है कि कुछ लोग आपके किसी दोस्त की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर पैसों की डिमांड करते हैं, ऐसे लोगों से हमें बचकर रहना चाहिए। इस दौरान जिला पुलिस साइबर सैल में तैनात साइबर विशेषज्ञों द्वारा साइबर अपराधों से बचाव को लेकर बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से विद्यार्थियों को जानकारी दी।