जीवन में सीखना सीखो और टालना छोड़ो : आनंदश्री

भूप एक्सप्रेस।

मुम्बई,14दिसंबर।आध्यात्मिक व्याख्याता एवं माइन्डसेट गुरु डॉ दिनेश गुप्ता -(आनंदश्री) ने बताया कि अभी आप जिस कमरें में बैठे हो, वंहा आसपास नज़र घुमाइए। देखिए, कितने सारी चीजें जो आपने खरीदी थी, सपने देखे थे, कुछ करने के लिए। लेकिन सब के सब धरि राह गयी। आप कुछ नही कर पाए। समय गुजर गया।

” हमें जीवन को नही टालना चाहिए, क्योंकि मौत हमें नही टालने वाली है ।” 

आनंदश्री ने कहा कि टालमटोल करना बहुत ही भयंकर प्रकार का रोग है, जिसे मैं महारोग कहूंगा। आपके चाहने या न चाहने से भी जो काम करना है उसे करते रहिए। शुरुवात में टालना सुखदायक लगे लेकिन दूरगामी के लिए यह खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा कि मैने स्वयं भी अपने कैरियर की शुरुवात में टालमटोल के कारण कई नुकसान उठाये हैं। जिसकी भरपाई मुझे दीर्घकाल तक करने पड़ी।

आज आप जैसे भी हो, जो कुछ नकारात्मक परिणाम मिले है वह केवल आपके टालमटोल का परिणाम है। टालमटोल वह खतरनाक बीमारी है जो खुशियों और सफलता के मृत्यु दर को बढ़ाती है।

सीखते रहिये

टालमटोल जो जल्द से जल्द छोड़िए और जल्द से जल्द सीखना शुरू कीजिए। यह पहला गुण आपको पुस्तक के अंत तक काम आएगी। यह वह टिकट है जो आपको सफ़र के अंत तक रखना है।