विधवा महिलाओं के लिए अनुदान योजना लागू : डी सी कैप्टन मनोज कुमार

ऋण के रूप में उपलब्ध करवाई जाती है आर्थिक सहायता - महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है योजना का उद्देश्य - 3 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाली महिलाएं होगी पात्र

भूप एक्सप्रेस।
रोहतक ( रोहित सोलंकी) । डी सी कैप्टन मनोज कुमार ने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से विधवा महिलाओं के लिए अनुदान की योजना शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को ऋण के रूप में आर्थिक सहायता प्रदान करना है ताकि वे कृषि, उद्योग, व्यापार आदि में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सके।
कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि इस योजना के मुख्य उद्देश्यों में महिलाओं के कल्याण व विकास की गतिविधियों को बढ़ावा देना, महिलाओं के लिए सामाजिक आर्थिक कार्यों, स्वास्थ्य एवं शिक्षा की जागरूकता पैदा करना, साक्षरता, प्रतिभा, कौशल आदि को बढ़ावा देना तथा महिलाओं द्वारा किये जाने वाले व्यापार, व्यवसायों व उद्योगों आदि की पहचान करना है ताकि स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा सके। यह योजना प्रदेश के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में विधवा महिलाओं की आर्थिक व सामाजिक स्थिति को सुधारने के लिए शुरू की गई है।
उपायुक्त ने कहा कि योजना की पात्रता शर्तों के साथ ऐसी विधवा महिलाएं इस योजना की पात्र होगी, जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये से ज्यादा नहीं है। योजना के तहत विभिन्न गतिविधियां शुरू की जा सकती है। इन गतिविधियों में स्कूल यूनिफॉम की सिलाई, टैक्सी/ऑटो, ई-रिक्शा, मसाला/अचार ईकाई/खाद्य प्रसंस्करण, कैरी बैग का निर्माण, बेकरी, डोना मेकिंग तथा रैडीमेड गारमेंटस व बुटिक आदि शामिल है। योजना के तहत कौशल विकास प्रशिक्षण का प्रावधान भी किया गया है।
कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि योजना के लिए पात्र महिलाओं की पहचान जिला स्तरीय समिति द्वारा की जाती है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन के साथ विभिन्न दस्तावेज संलग्न करने होंगे, जिनमें आधार कार्ड, राशन कार्ड, परियोजना रिपोर्ट, अनुभव या प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, किसी अन्य बैंक या सरकार से सब्सिडी का लाभ न लेने का शपथ पत्र आदि शामिल है।