गांव ऊझा स्थित मां बांग्लामुखी माता मंदिर में चल रही 9 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा में सातवें दिन श्री श्री ब्रह्मऋषि श्री नाथ महाराज ने भक्तों को सुनाई कथा

भूप एक्सप्रेस।
बापौली (पानीपत)। गांव ऊझा स्थित मां बगलामुखी माता मंदिर में चल रही 9 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा में शनिवार को सातवें दिन भागवत कथा व्यास श्री श्री ब्रह्मऋषि श्री नाथ जी महाराज ने भक्तों को श्रीकृष्ण रुक्मणी विवाह की कथा सुनाई। विवाह का प्रसंग सुन श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा की और मंगल गीत गाकर समूचे वातावरण को भक्तिमय कर दिया।
कथा व्यास ने कहा कि रुकमणी विदर्भ देश के राजा विष्णु की पुत्री और साक्षात लक्ष्मी जी का अवतार थी। रुक्मणी ने जब देव ऋषि नारद के मुख से श्री कृष्ण के रूप और गुणों की प्रशंसा सुनी तो उन्होंने मन ही मन श्री कृष्ण से विवाह का निश्चय किया। रुक्मणी का बड़ा भाई रुक्मी श्रीकृष्ण से शत्रुता रखता था और अपनी बहन का विवाह राजा दमघोष के पुत्र शिशुपाल से करना चाहता था। रुकमणी को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने एक ब्राह्मण संदेश वाहक श्रीकृष्ण के पास भेजा और अपना परिचय संदेश भिजवाया। तब श्रीकृष्ण, शिशुपाल और उसके मित्र राजाओं को युद्ध में परास्त करके रुकमणी को द्वारिकापुरी लेकर आए। इसी बीच उनका मार्ग रुक्मी ने रोक लिया और कृष्ण को युद्ध के लिए ललकारा, तब युद्ध में श्री कृष्ण और बलराम ने रुक्मी को पराजित किया। श्री कृष्ण ने द्वारिका में अपने संबंधियों के समक्ष रुक्मणी से विवाह किया।


वहीं आज के मुख्य अतिथि उद्योगपति एवं निगम पार्षद विजय जैन रहे। उनका कथा स्थल पर पहुंचने पर जहां आयोजकों ने फूल मालाओं से स्वागत किया। वहीं कथावाचक श्री श्री ब्रह्र्षि श्रीनाथ महाराज ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर आर्शीवाद दिया। इस अवसर पर पीताम्बरा पीठाधीश्वर अश्रय मिश्रा, मंदिर सभा प्रधान जतिन भुटानी, सचिव तरूण बजाज, दीपक खनेजा, स्मृति मिश्रा, पंकज मिगलानी, मनोज जुनेजा, संतोष मिश्रा, गुरमीत खुराना, सुनील झा, दीपेश मिश्रा, कामेश मिश्रा, प.शिववधर दूबे ,हरियाणा ब्राह्मण सुरक्षा फोर्स के प्रदेशाध्यक्ष अनिल शर्मा,स्मृति मिश्रा व आशीश आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।