गुरु दक्ष शिक्षण संस्थान, कुरूक्षेत्र की 2 एकड़ भूमि की रजिस्ट्री हो चुकी है, शेष डेढ़ एकड़ जमन की भी जल्द होगी रजिस्ट्री : दर्शन लाल लाडवा

प्रजापति कुम्हार धर्मशाला सभा की हुई महत्वपूर्ण बैठक, महाराजा दक्ष जयंती मनाने पर भी हुई मंत्रणा

भूप एक्सप्रेस।

कुरुक्षेत्र, 07 मई (हरफूल सिंह) रविवार को प्रजापति कुम्हार धर्मशाला सभा, कुरुक्षेत्र में धर्मशाला प्रधान दर्शन लाल लाडवा की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में धर्मशाला कमेटी द्वारा शिक्षण संस्थान के लिए खरीदी गई भूमि को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। प्रधान दर्शन लाडवा ने जानकारी देते हुए बताया कि टोटल साढ़े 3 एकड़ भूमि की खरीद हो चुकी है और 2 एकड़ की रजिस्ट्री हो चुकी है। उन्होंने कहा कि बाकी शेष डेढ़ एकड़ भूमि की रजिस्ट्री भी जल्द ही करवाई जाएगी। इसके अलावा बैठक में आगामी जुलाई माह में आने वाली महाराजा गुरु दक्ष प्रजापति जयंती कैसे मनाई जाए और कहां पर मनाई जाएगी, इसको लेकर काफी गहनता से विचार-विमर्श किया गया। बैठक् में उपस्थित समाज के अधिकतर लोगों ने अपना सुझाव दिया कि जो भूमि शिक्षण संस्थान हेतू खरीदी गई है उसी पर महाराजा दक्ष जयंती मनाई तो बहुत बेहतर होगा।

धर्मशाला प्रधान दर्शन लाडवा ने बैठक में उपस्थित लोगों के सुझाव सुनने के बाद कहा कि इसके बारे में समाज के अन्य बुद्धिजीवी लोगों से भी विचार-विमर्श किया जाएगा और बहुत जल्द जयंती मनाने की जगह का अन्तीम निर्णय कमेटी की सर्वसम्मती से फाइनल कर दिया जाएगा। लाडवा ने ये भी कहा कि प्रजापति समाजबंधुओं को जयंती समारोह को बड़ी धूमधाम से मनाने के लिए, हरियाणा के प्रत्येक गांव में जाकर निमंत्रण भी दिया जाएगा। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि ‘गुरु दक्ष शिक्षण संस्थान’ की भूमि हेतु दिल खोलकर दान दें ताकि रजिस्ट्री जयंती महोत्सव से पहले हो सके।

इस दौरान बैठक में पूर्व प्रधान बलबीर सिंह, भवानी दास प्रजापति, उप-प्रधान मोहन सिंह मिर्जापुर, महासचिव रामचरण, खजांची दर्शन लाल कैथल, सतपाल प्रजापति पधाना, लाल सिंह आर्य, पवन कुमार कानूनगो, प्रकाश प्रजापति कैथल, परसराम प्रजापति भैणी खुर्द, धनीराम प्रजापति लाडवा, राजपाल प्रजापति कैथल, देशराज प्रजापति रादौर, पवन कुमार प्रजापति कोयर, पूर्व एस.एच.ओ. अमर सिंह प्रजापति, युवा नेता प्रजापति सुरेन्द्र उड़ाना, ओमप्रकाश हजवाना सहित काफी संख्या में प्रजापति समाज के गणमान्य व्यक्ति मुख्य रूप से उपस्थित रहे।