पानीपत में बर्खास्त टीचर को 3 साल की कैद: फर्जी जाति व दिव्यांग प्रमाण पत्र के सहारे हथियाई थी नौकरी

भूप एक्सप्रेस।

पानीपत, 09 मई (नन्दपाल)। पानीपत की कोर्ट ने एक बर्खास्त टीचर को 3 वर्ष की सजा औश्र दस हजार रूपए जुर्माना की सजा सुनाई है। दोषी का मामला 8 साल से विचाराधीन था। जिसे करीब 3 माह पहले ही शिक्षा विभाग ने नौकरी से डिसमिस किया था। दोषी ने गलत जाति एवं दिव्यांग का प्रमाण पत्र के सहारे संस्कृत टीचर की नौकरी हासिल की थी।

फर्जीवाड़े में पत्नी भी शामिल
मामले के अनुसार, 15 जून 2014 को सिटी थाना में समाजसेवी एवं रिटायर्ड बैंककर्मी टेकराम दहिया ने इस फर्जीवाड़े की शिकायत देकर मुकदमा दर्ज करवाया था। दोषी टीचर तेजबीर राठी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पत्थरगढ़ में तैनात था।

फर्जीवाड़े की इस कहानी में केवल उक्त शिक्षक ही नहीं, बल्कि इसमें उसकी पत्नी भी शामिल थी। दोनों ने गलत दिव्यांग प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी पाई थी। दोनों को विभाग ने बर्खास्त कर दिया था।

15 सितंबर 2022 को तेजबीर की पत्नी को 1 फरवरी 2023 को खुद तेजबीर को शिक्षा विभाग ने डिसमिस्ड फ्रॉम सर्विस किया था। मामला कोर्ट में विचाराधीन था। जिसमें आज सजा सुनाई गई है। तेजबीर ने करीब 1995 में नौकरी हासिल की थी।