नारनौल में पुलिस भर्ती फर्जीवाड़ा में 32 गिरफ्तार, 13 लाख कैश, 8 तोले सोना और 2 गाड़ियां बरामद, 9 खाते किए गए सीज

भ्रूप एक्सप्रेस।

नारनौल, 10 मई। हरियाणा के नारनौल में हरियाणा पुलिस में भर्ती करवाने के नाम पर पैसे ठगने वाले बड़े गिरोह का पुलिस ने पर्दाफ़ाश किया है। आरोपी पैसे लेकर सरकारी विभाग में फर्जी तरीके से भर्ती करवाते थे। पुलिस ने मामले में अब तक 32 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें एकेडमियों के संचालक भी शामिल हैं। इनसे 13 लाख 50 हजार रुपए, 8 तोला सोना और 2 गाड़ियां बरामद की हैं। इस मामले में पुलिस द्वारा 9 बैंक खाते भी सीज करवाए गए हैं।

एसपी विक्रांत भूषण ने बुधवार को बताया कि पुलिस ने 19 अप्रैल से गिरोह से जुड़े सदस्यों की गिरफ्तारी का अभियान शुरू किया था। 9 मई तक पुलिस ने कुल 32 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। इनमें ज्यादातर रोहतक के रहने वाले हैं। एसपी ने बताया कि पुलिस की छानबीन अभी जारी है।

शिकायतकर्ता धर्मबीर वासी सुरजनवास ने थाना सदर महेंद्रगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया कि उसकी मुलाकात नरेश वासी सिगडा से 2021 में हुई थी और नरेश सुरजनवास में काफी लोगों के संपर्क में था। नरेश ने शिकायतकर्ता को बताया किया वह पचेरी में USA डिफेंस एकेडमी के नाम से कोचिंग सेंटर चला रहा है और हरियाणा पुलिस का गारंटी बैच शुरू करने जा रहा है। जिसकी फीस 3 लाख रुपए है।

शिकायतकर्ता के बेटे ने भी हरियाणा पुलिस का फार्म भर रखा था। जिसके बारे में बात करने पर नरेश ने 3 लाख रुपए एडवांस देने बारे कहा और बताया कि अगर गारंटी बैच में सलेक्शन नहीं हुआ तो केवल हॉस्टल की 8 हजार प्रति महीना फीस काट कर पैसे वापस मिल जाएंगे। शिकायतकर्ता ने उसको 3 लाख रुपए दे दिए। नरेश ने कहा कि 5-7 दिन बाद बेटे को पचेरी हॉस्टल मे भेज देना।

शिकायतकर्ता ने लगभग 8-10 दिन बाद नरेश के पास पूछने के लिए फोन किया कि बेटे को कब भेजना है, तो इस पर उसने कहा कि आपको नौकरी से मतलब है, 15 लाख दे देना, सारा काम मैं खुद करवा दूंगा और काम नही हुआ तो महीने के अन्दर पैसे वापस कर दूंगा।

19 अप्रैल को नरेश हुआ था गिरफ्तार

मामले को संज्ञान में लेते हुए इकोनॉमिक सेल की टीम को मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिनके तहत कार्रवाई करते हुए इकॉनोमिक सेल की टीम ने 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में 19 अप्रैल को मुख्य आरोपी नरेश वासी सीगड़ा को गिरफ्तार किया। वर्ष 2008 में आरोपी नेवी सिपाही लगा था।

इसके बाद वर्ष 2012 में आईटीबीपी में बतौर हेड कॉन्स्टेबल लगा था, वर्ष 2013 में नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद वर्ष 2018 तक प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाता था। नरेश ने पहले आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू वासी चिंडालिया के साथ मिलकर शेखावटी डिफेंस एकेडमी राजस्थान के सिंघाना में खोली थी।

पेपर लीक या हैक करवाकर करवाते थे सेटिंग

पूछताछ में पुलिस ने पता लगाया कि आरोपी अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पेपर लीक या हैक करवाकर सेटिंग करके बच्चों के परिजनों से रुपए लेकर भर्ती करवाने का काम करते थे। इससे पहले भी नेवी, एयर फोर्स आदि में पैसे लेकर बच्चे भर्ती करवाए थे। आरोपी भर्ती देखने वालों बच्चों के एडमिट कार्ड में सीटरों के फोटो की मिक्सिंग व एडिटिंग का काम करते थे।

इसके बाद पुलिस ने आरोपी प्रवीण वासी भालोठ थाना पचेरी को गिरफ्तार किया। इसने नरेश से 3–4 बच्चों को भर्ती करवाने की बात की थी। राजेश वासी खांदवा थाना पचेरी नौकरी लगने वाले बच्चों को नरेश से मिलवाता था और अपना कमीशन लेता था। मामले में गिरफ्तार मनोज वासी भगड़ाना ने मामले में संलिप्त आरोपी को भगाने में मदद की थी।

गिरफ्तार किए गए आरोपी नरवीर वासी ढाणी बायां वाली नांगल चौधरी और आरोपी राजबीर वासी भिटेड़ा थाना बहरोड़ ने USA डिफेंस एकेडमी में कोचिंग के लिए दाखिला लिया था, लेकिन बाद में नरेश के साथ मिलकर काम करने लगे थे। मामले में पुलिस द्वारा योगेश वासी गोदा का बास रघुवीरपुरा थाना सूरजगढ़ को गिरफ्तार किया गया, जो कमीशन लेकर भर्ती होने वाले बच्चों को नरेश से मिलवाता था। इस प्रकार पुलिस ने राजस्थान व हरियाणा के करीब 32 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।