हरियाणा सीएम खट्टर के पूर्व OSD फैमिली की लैंड-डील पर आप ने खड़ा किया विवाद, कहा : 2.73 करोड़ की जमीन 75 लाख में खरीदी: दफ्तुआर का जवाब- पौने 4 करोड़ खर्च हुए

भूप एक्स्प्रेस।

चण्डीगढ़ (नन्दपाल) 19 मई। आम आदमी पार्टी द्वारा हरियाणा के सीएम मनोहर लाल  खट्‌टर के प्रिंसिपल ओएसडी रह चुके नीरज दफ्तुआर की फैमिली की ओर से की गई एक लैंड डील को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। आप नेता अनुराग ढांडा ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस डील से जुड़े दस्तावेज जारी कर गड़बड़ी का आरोप लगाया।

अनुराग ढांडा के अनुसार, नीरज दफ्तुआर की पत्नी अनुपम और उनके बेटे आदित्य ने सालभर पहले झज्जर जिले में चेंज ऑफ लैंड यूज (सएलयू)हो चुकी 9 एकड़ जमीन ANA रियल लॉजिस्टिक्स नामक कंपनी से ली। इस कंपनी ने मार्च-2022 में ही ये जमीन 2 करोड़ 73 लाख रुपए में खरीदी और फिर उसका चेंज ऑफ लैंड (सएलयू)कराया। (सएलयू) मंजूर होने से 2 दिन पहले कंपनी डायरेक्टरों ने फाइनेंशियल क्राइसिस के चलते उसे 75 लाख रुपए में अनुपम और आदित्य को बेच दिया।

आम आदमी पार्टी ने नई कंपनी बनाकर एग्रीकल्चर लैंड खरीदने, उसका (सएलयू) कराने और फिर कंपनी व उसकी सारी संपत्तियां दफ्तुआर फैमिली को बेचने का काम सिर्फ 70 दिन में हो जाने की जांच कराने की मांग की है।

नीरज दफ्तुआर का कहना है कि ये सारे आरोप झूठे एवं बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि ANA कंपनी बनाकर उसके डायरेक्टरों सिद्धार्थ लांबा और आशीष चांदना ने 2.73 करोड़ रुपए में ज़मीन खरीदी। जमीन के सौदे के समय दोनों ने 50 लाख रुपए एडवांस दिए और बाकी के पोस्ट डेटेड चेक दिए। जब दोनों जमीन की पेमेंट नहीं कर पाए तो हमसे बात की।

नीरज दफ्तुआर ने दावा किया कि सिद्धार्थ लांबा और आशीष चांदना ने मेरी पत्नी और बेटे से ज़मीन की कीमत के तौर पर दो करोड़ 93 लाख रुपए लिए जिसमें रजिस्ट्री की 19 लाख 11 हजार रुपए की स्टांप ड्यूटी शामिल थी। बाद में 75 लाख रुपए अलग से मुनाफे के तौर पर लिए। कुल मिलाकर इस सौदे में हमारे परिवार के 3 करोड़ 67 लाख 11 हजार रुपए खर्च हो गए। जिस समय ये जमीन खरीदी गई, तब इसका सर्कल रेट 29 लाख रुपए प्रति एकड़ था।

कंपनी बनाकर महीने बाद जमीन की डील

आम आदमी पार्टी नेता अनुराग ढांडा ने दावा किया कि हरियाणा में 24 फरवरी 2022 को ANA रियल लॉजिस्टिक्स नाम से एक कंपनी बनाई गई। इस कंपनी का रजिस्ट्रेशन गुरुग्राम में शिवाजी नगर के एड्रेस पर कराया गया। कंपनी में दो डायरेक्टर थे- सिद्धार्थ लांबा और आशीष चांदना। इस कंपनी को बनाने का मकसद था ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स का काम करना।

ढांडा ने कहा कि इस कंपनी के रजिस्ट्रेशन के 30 दिन बाद दोनों डायरेक्टरों ने हरियाणा के झज्जर जिले की बादली तहसील के खालिकपुर गांव में नौ एकड़ एग्रीकल्चर लैंड खरीदी। ये जमीन रिलायंस कंपनी की ओर से संचालित मॉडल इकोनॉमिक टाउनशिप लिमिटेड से खरीदी गई और सेल डीड के मुताबिक इसकी कीमत दो करोड़ 73 लाख रुपए थी जिस पर 19 लाख 11 हजार रुपए की स्टांप ड्यूटी चुकाई गई।

महज 19 दिन में CLU मंजूर
आप ने आरोप लगाया कि 22 मार्च 2022 को जमीन का सौदा होने के 24 दिन बाद, ANA कंपनी के डायरेक्टर आशीष चांदना ने 15 अप्रैल 2022 को हरियाणा सरकार के डायरेक्टोरेट ऑफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में जमीन के चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) के लिए अप्लाई किया। CLU के लिए दी गई एप्लिकेशन के अनुसार कंपनी इस नौ एकड़ एग्रीकल्चर लैंड पर वेअरहाउस बनाना चाहती थी। आशीष चांदना की एप्लिकेशन मिलने के 19 दिन बाद, 4 मई 2022 को डायरेक्टोरेट ऑफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने आवेदन को मंजूर करते हुए जमीन का CLU पास कर दिया।

दूसरी ओर, नीरज दफ्तुआर ने कहा कि CLU के लिए आवेदन 8 अप्रैल 2022 को दिया गया था। लैटर ऑफ इंटेंट 4 मई 2022 को मिला और फाइनल CLU 25 अगस्त 2022 को मिला। ऐसे में कुछ दिनों में ही CLU मिलने की बात गलत है।

CLU से मात्र दो दिन पहले दफ्तुआर की पत्नीबेटे को बेच दी जमीन
अनुराग ढांडा ने कहा कि 4 मई 2022 को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से CLU मंजूर होने से मात्र दो दिन पहले, 2 मई 2022 को ANA रियल लॉजिस्टिक्स कंपनी के दोनों डायरेक्टरों सिद्धार्थ लांबा और आशीष चांदना ने नीरज दफ्तुआर की पत्नी अनुपम दफ्तुआर और बेटे आदित्य दफ्तुआर के साथ एक कानूनी करार किया। इस करार में कहा गया कि ANA रियल लॉजिस्टिक्स कंपनी और इसकी सारी संपत्तियां अनुपम दफ्तुआर और आदित्य दफ्तुआर के नाम की जा रही हैं। करार में इस सौदे की वजह बताई गई कि उनके पास वेअरहाउस बनाने और ट्रांसपोर्ट व लॉजिस्टिक्स के बिजनेस के लिए फंड नहीं है।

2.73 करोड़ रुपए की जमीन का सौदा केवल 75 लाख रुपए में
आप ने आरोप लगाया कि जमीन की इस खरीद-फरोख्त में सबसे अहम बात रुपए का लेन-देन है। ANA कंपनी के डायरेक्टरों सिद्धार्थ लांबा और आशीष चांदना ने 22 मार्च 2022 को जो 9 एकड़ एग्रीकल्चर लैंड 2.73 करोड़ रुपए में खरीदी थी, उसे 40 दिन बाद, CLU मंजूर होने से ठीक दो दिन पहले अनुपम दफ्तुआर और आदित्य दफ्तुआर को सिर्फ 75 लाख रुपए में बेच दिया।

आखिर कौन हैं ये नीरज दफ्तुआर

नीरज दफ्तुआर अप्रैल 2016 में हरियाणा के मुख्यमंत्री के प्रिसिंपल ओएसडी बने। उनका काम था सरकारी काम में CM की मदद करना। सितंबर 2021 में करनाल में धरना लगाकर बैठे किसानों को मनाने और उनका धरना खत्म करवाने के लिए नीरज दफ्तुआर को भेजा गया। उन्होंने अपना काम बखूबी करते हुए किसानों को मनाते हुए धरना खत्म करवा दिया। अक्टूबर-2022 में नीरज दफ्तुआर ने मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल ओएसडी के पद से इस्तीफा दे दिया। इन दिनों नीरज दफ्तुआर दिल्ली में रह रहे हैं।

आम आदमी पार्टी ने CBI और ED से जांच करवाने की, की है मांग
आप नेता अनुराग ढांडा ने उपरोक्त खुलासा करते हुए आरोप लगाए कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के ऑफिस में प्रिंसिपल ओएसडी रहे नीरज दफ्तुआर का नाम करोड़ों के इस भ्रष्टाचार में आया है। उन्होंने सीएमओ में प्रिंसिपल ओएसडी के पद पर रहते हुए करोड़ों की जमीन अपने परिवार के नाम करा दी। उन्होंने इस मामले की CBI और ED से जांच करने की मांग की।