पूर्व विधायक भारत सिंह छौक्कर ने सफाई अभियान के सहारे लोगों को लुभाने के प्रयास किए शुरू

राजनैतिक कैरियर में कभी बसपा, कभी कांग्रेस, कभी इनेलो तो कभी भाजपा जैसे बदले कई राजनीतिक दल

भूप एक्सप्रेस।
समालखा(अनीश कौशिक)। समालखा में रविवार को पूर्व में रहे विधायक भरत सिंह छौक्कर द्वारा सड़कों पर घूम रहे आवारा सांडों को पकड़वाया गया जिससे स्थानीय लोगों में खुशी का माहोल देखने को मिल रहा है, क्योंकि आए दिन शहर के बाजार में सांडो के द्वारा लोगों को टक्कर मारने की बात सामने आ रही थी जिससे लोग घायल हो जाते थे इसलिए पूर्व विधायक भरत सिंह छौक्कर ने सांडों को पकड़वाने का बीड़ा उठा कर अवश्य ही एक अच्छा कदम उठाया और आवारा सांडो को गौशाला में छुड़वा दिया गया ।

एक तरफ जहां छौक्कर शहर के पार्क की सफाई करवा रहे हैं और आवारा सांडों को गौशाला में भिजवाने का काम कर सुर्खियां बटोरने का काम कर रहे हैं वही शहर के राजनैतिक गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि पूर्व विधायक भारत सिंह छोक्कर सिर्फ और सिर्फ लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर सुर्खियां बटोरने के लिए कर रहे हैं क्योंकि ….

लोगों की चर्चाओं में सच्चाई कहां तक सच है ? ये पूरा मामला बताते हैं :

जैसे-जैसे सर्दियों का मौसम नजदीक आ रहा हैं वैसे ही नगर पालिका चेयरमैन के चुनाव भी नजदीक आते जा रहे हैं । हालांकि सरकार की तरफ से अभी निश्चित चुनाव तिथि की घोषणा नहीं हो पाई है, लेकिन सभी इच्छुक प्रत्याशी अपनी ताल ठोक शहर के लोगों को लुभाने के हर संभव प्रयास करने में लगे हुए हैं। इससे भी लगता है कि लोगों की चर्चाओं में कुछ तो सच्चाई अवश्य छुपी है वरना गौर से देखा जाए तो चुनाओ की नजदीकियों से पहले ऐसे समाजसेवी कहां किस गुफा में आराम फरमाते हैं, जहां उनको लोगों की समस्याएं ना तो सुनाई देती हैं और ना नजर आती हैं। लोगों का मानना है कि ऐसे लोग समाजसेवी नहीं बल्कि अवसरवादी राजनीतिक लोग होते हैं जो अपना उल्लू सीधा करने के लिए एक नाटकीय अंदाज में समाज सेवा के कार्य कर सदैव लोगो को अपनी ओर आकर्षित करने का कार्य करते हैं ताकि वो अपनी मनोवांछित मंजिल तक पहुंच सकें।

 

गौरतलब है कि उक्त पूर्व विधायक ने पूर्व मे रहे अपने राजनैतिक कैरियर में कभी बसपा, कभी कांग्रेस, कभी इनेलो तो कभी भाजपा आदि कई राजनीतिक दल बदले हैं। बार बार दल बदलने का यह खेल समालखा विधानसभा क्षेत्र के लोगों से छुपा नहीं है।

आप किस किस की जुबां पकड़ेंगे जनाब ! जो व्यक्ति विधायक रह चुका हो और जो कभी नगर पालिका के चेयरमैन को बनाने का काम किया करता था आज वो राजनैतिक शख्शियत एक नपा चेयरमैन बनने के सपने मन में संजो कर कभी पार्कों की सफाई कर तो कभी आवारा सांडों को पकड़वा कर शहरवासियों का ध्यान आकर्षित करने में जुटे हुए हैं।
वैसे ये राजनीति है इसमें व्यक्ति की लालसा कभी कम नहीं होती। प्रयास एवं मेहनत करने से ही तो मंजिल मिलती आई है। पूर्व विधायक भी वही कर रहे हैं। अब देखना ये है कि पूर्व विधायक इस “सफाई अभियान” के सहारे शहरवासियों के दिलों में कितनी जगह बना पाते हैं !

छौक्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि कई दिन पहले आवारा सांडों ने उसको टक्कर मार दी थी जिससे वह घायल हो गया था। समालखा शहर की जनता आवारा सांडों से काफी परेशान हो गई थी बस उसी दिन से मैंने मन बना लिया था कि समालखा में घूम रहे सभी आवारा सांडों को भिजवाने का काम करना है, उसी दिन से आवारा सांडो को पकड़वा कर 4 गाड़ियां गौशाला में भिजवाया है।

एक तरफ जहां कुछ लोग इस सराहनीय कार्य को पूर्व विधायक की राजनैतिक लालसा बता रहें हैं तो वहीं शहर के बहुत से लोगों ने कहा कि यह बहुत सराहनीय काम है आवारा सांडो से लोग काफी परेशान थे सांडो द्वारा टक्कर मारने के लिए बात सामने आती थी जिससे लोग घायल हो जाते थे और अपनी जान से हाथ धोना पड़ता था ।