कैबिनेट विस्तार में संयोग या प्रयोग: एक ब्राह्मण और 6 ओबीसी-दलित, योगी ने दोहराया मोदी का फार्मूला

भूप एक्सप्रेस।
लखनऊ । यूपी की योगी सरकार का रविवार की शाम बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार हो गया। विधानसभा चुनाव से केवल छह महीने पहले हुए योगी मंत्रिमंडल विस्तार में सात विधायकों को मंत्री बनाया गया है। पिछले महीने मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार में भी यूपी से सात लोगों को मंत्री बनाया गया था। संयोग से मोदी सरकार में भी एक ब्राह्मण और छह ओबोसी या दलित समाज के सांसद को मंत्री बनाया गया था। आज योगी सरकार में भी एक ब्राह्मण और छह ओबीसी या दलित को मंत्री बनाया गया है। मोदी की तरह योगी सरकार ने भी ओबीसी में गैर यादव और दलित में गैर जाटव को सरकार में शामिल किया है।

कुछ लोग इसे संयोग नहीं प्रयोग कह रहे हैं। जिस तरह से बार बार मंत्रियों का परिचय उनकी जाति के साथ की जा रही है, माना जा रहा है कि आने वाले चुनाव को ध्यान में रखते हुए ही यह प्रयोग किया गया है। मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार में लखीमपुर खीरी से सांसद अजय कुमार मिश्रा (ब्राह्मण) के अलावा, महाराज गंज के सांसद पंकज चौधरी (ओबीसी), अपना दल की अनुप्रिया पटेल(ओबोसी), आगरा से सांसद एसपी बघेल(एससी), भानु प्रताप वर्मा (एससी), मोहनलालगंज सांसद कौशल किशोर (एससी), राज्यसभा सांसद बीएल वर्मा(एससी) को मंत्री बनाया गया।

अब योगी सरकार में ठीक उसी तरह से प्रतिनिधित्व दिया गया है। जितिन प्रसाद (ब्राह्मण) के अलावा संगीता बलवंत बिंद (ओबीसी), धर्मवीर प्रजापति (ओबीसी), पलटूराम (एससी), छत्रपाल गंगवार (ओबीसी), दिनेश खटिक (एससी) और संजय गौड़ ( एसटी) को मौका दिया गया है।