ग्रामीण युवाओं में नहीं होती प्रतिभा की कोई कमी : एडवोकेट खोवाल

आज के युवाओं को गांधी जी व शास्त्री जी सरीखे महापुरूषों के दिखाए रास्ते पर चलने की जरूरत

भूप एक्सप्रेस।
हिसार, 02 अक्टूबर। हरियाणा कांग्रेस लीगल सैल के प्रदेश चेयरमैन एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने कहा कि ग्रामीण खिलाडिय़ों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती। अगर उन्हें भी पूरा सहयोग व सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए तो वे भी देश विदेश में गांव व शहर का नाम रोशन कर सकते हैं। एडवोकेट खोवाल शनिवार को गांव खेड़ी बर्की में आयोजित दूसरी क्रिकेट प्रतियोगिता के शुभारंभ पर खिलाडिय़ों को संबोधित कर रहे थे।


इससे पूर्व कार्यक्रम में पहुंचने पर खेल कमेटी की ओर से मुख्यातिथि एडवोकेट खोवाल का फूल मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया गया और बस स्टैंड से खेल मैदान तक ट्रैक्टर पर बैठाकर हर्षोल्लास के साथ भव्य स्वागत किया गया। एडवोकेट खोवाल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर खोवाल की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और युवाओं से आह्वान किया कि वे उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए देश व समाज के उत्थान में अपना योगदान दें। युवाओं को संबोधित करते हुए एडवोकेट खोवाल ने कहा कि अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन के जरिए ऐसा संदेश दिया था कि अंग्रेजों के काले कानूनों को नहीं मानेंगे। उन्होंने अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए अंग्रेजो को मजबूर कर दिया कि उन्हें देश छोड़कर जाना पड़ा। एडवोकेट खोवाल ने कहा कि अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी के सिद्धांतों का लोहा पूरा विश्व मानता है। दुनिया के 70 से भी अधिक देशों में उनकी प्रतिमाएं लगी हुई है। वहीं 65 हजार से अधिक किताबें उनपर लिखी जा चुकी है और शोध किया जा रहा है, जो पूरे विश्व में एक रिकॉर्ड है। आज तक किसी भी अन्य महापुरूषों को यह सम्मान प्राप्त नहीं हुआ है। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के प्रसंग को इंगित करते हुए एडवोकेट खोवाल ने कहा कि एक बार किसी रिश्तेदार ने उसने पैसे उधार मांगे, लेकिन उनके पास पैसे नहीं थे। तब शास्त्री जी की धर्मपत्नी ने उन्हें बताया कि कुछ रूपए उनके पास जमा है, जो उन्होंने उनके 50 रूपए वेतन से दस दस रूपए बचाकर एकत्र किए हैं। इसपर शास्त्री जी ने तुरंत चिट्ठी लिखी कि उनका घर का खर्च 40 रूपए में चल जाता है। इसलिए उनका वेतन 40 रूपए किया जाए। आज के युवाओं को ऐसे देशभक्त महापुरूषों से प्रेरणा लेनी चाहिए। एडवोकेट खोवाल ने कहा कि सत्य हमेशा सत्य ही रहता है। इसलिए भाजपा व आरएसएस को वर्ष 2014-15 में महापुरूषों के खिलाफ शुरू किए गए दुष्प्रचार से पीछे हटना पड़ा।

अब वे इन महापुरूषों की आड़ लेने पर मजबूर हैं, लेकिन अब जनता आरएसएस के इस एजेंडे को अच्छी तरह समझ चुकी है और समय आने पर उन्हें इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।

उन्होंने उपस्थित युवाओं से आह्वान किया कि वे महापुरूषों की जीवनी से प्रेरणा लें और देश व समाज के विकास में अपना योगदान दें। इस दौरान उन्होनें खेल कमेटी व युवाओं को अपनी तरफ से 11हजार रूपए सहयोग राशि भी प्रदान की। इस मौके पर चंद्र हर्ष, विकास गोयल एडवोकेट, श्वेता शर्मा एडवोकेट, गौरव टुटेजा, विपिन सलेमगढ, अजय कुमार, आयोजनकर्ता जगबीर सिंह, आकाश नापा, मनी टाक, विनोद खटोड एडवोकेट, मास्टर नरेंद्र सेठी, रामनिवास, ईश्वर टाक, ट्री मैन साधुराम, बलजीत ब्रिटानिया, सतपाल शर्मा, कृष्ण, रामसिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।