पानीपत, 29 मार्च ( नन्दपाल): पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल, आईपीएस के निर्देशानुसार और पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस के कुशल मार्गदर्शन में रविवार को जिला पानीपत के ग्रामीण अंचल के छह गांवों में खेलकूद प्रतियोगिता और जागरूक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं और ग्रामीणों को नशे और अपराध की दलदल से दूर रहकर खेलों में आगे आने के लिए प्रेरित किया। मैदान पर खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। जिला पुलिस के अधिकारियों ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया और ग्रामीणों को नशे व अपराध से दूर रहने का संदेश दिया। 
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि नशे का चलन आम सा हो गया है। युवा एक दूसरे को देखकर नशे की लत में पड़ रहे हैं। यह सब युवाओं में गलत संगत का परिणाम है। वहीं कुछ युवा एक दूसरे को देखकर अपराध की दलदल धंस रहे हैं। नशे और अपराध से समाज का तानाबाना बिगड़ रहा है। युवाओं को इन सबसे दूर रहना चाहिए। वे शिक्षा और खेलों में आगे आकर अपने भविष्य को निखारे। युवाओं को अपना लक्ष्य निर्धारित कर सही दिशा में मेहनत करनी चाहिए। इससे उनको मंजिल समय पर मिलेगी। इसके लिए युवाओं को संघर्ष से पीछे नहीं हटना चाहिए। इस रास्ते में कुछ मुश्किल जरूर हैं, लेकिन मंजिल मिलने पर जीवन में सफल होगा।
उन्होंने नीरज चोपड़ समेत कई खिलाड़ियों का नाम लेकर युवाओं में जोश भरा। उन्होंने कहा कि ओलंपियन नीरज चोपड़ा ने पानीपत के खंदरा गांव को आज पूरे विश्व में चमकाया है। नीरज चोपड़ा ने लक्ष्य निर्धारित किया और एक दिशा तय कर मेहनत की। उनकी सफलता पर आज पानीपत ही नहीं पूरे देश के लोगों को नाज होता है। उन्होंने कहा कि समाज में बड़े बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए। असामाजिक गतिविधियों की सूचना नजदीकी पुलिस को जरूर दें। पुलिस ऐसे लोगों पर नकेल कसेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। आवश्यकता उनको सही मार्गदर्शन करने की है। माता-पिता को अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाना चाहिए। बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार दे। बच्चों की गतिविधियों की पहचान कर समय रहते असामाजिक गतिविधियों से दूर रखें। पुलिस समाज के साथ मिलकर अपराध और नशे को खत्म कर सकती है। पुलिस द्वारा आमजन को नशे के खिलाफ जागरूक करने के साथ ही नशे की ग्रस्त में फंसे युवाओं की पहचान कर उनका सिविल अस्पताल के डीएडिक्शन सेंटर में इलाज करवा समाज की मुख्य धारा में लाने का काम कर रही है। अब तक करीब 1200 लोगों का नशा छुड़वाया जा चुका है। जिला में ग्रामीणों के सहयोग से 175 गांव और 35 वार्ड नशा मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने प्रतियोगिता और कार्यक्रम के सफल आयोजन पर ग्राम पंचायत सरपंच, पंच और मौजिज लोगों का आभार व्यक्त किया।
जिले के इन गांवों में हुई प्रतियोगिता एवं कार्यक्रम :
1. डाहर गांव में डीएसपी आत्माराम अध्यक्षता में खेल प्रतियोगिता कराई गई। इसमें कबड्डी व 400, 800, 1600 मीटर की दौड़।
2. उझा गांव में ग्राम पंचायत एवं सरपंच पति एडवोकेट नरेश कुमार रावल के सहयोग से डी.एस.पी. सुरेश कुमार सैनी की अध्यक्षता में जागरूक्ता कार्यक्रम आयोजित कर नशे के विरूध जागरूक, साइबर क्राइम, महिला विरुद्ध अपराध व यातायात नियमों के बारे जागरूक किया गया।
3. जौरासी गांव में एएसपी हर्षित गोयल आईपीएस की देखरेख में कबड्डी प्रतियोगिता कराई।
4. नन्हेड़ा गांव में एएसपी हर्षित गोयल आईपीएस की देखरेख में वॉलीबॉल प्रतियोगिता कराई। ग्रामीणों ने वॉलीबॉली प्रतियोगिता में शानदार खेल का प्रदर्शन किया।
5. ददलाना गांव में डीएसपी राजबीर सिंह की अध्यक्षता में जागरूकता कार्यक्रम। उन्होंने ग्रामीणों व युवाओं को नशे के विरूध जागरूक, साइबर क्राइम, महिला विरुद्ध अपराध व यातायात नियमों के बारे जागरूक किया।
6. बराना गांव में डीएसपी नवीन संधू ने की अध्यक्षता में जागरूकता कार्यक्रम किया गया। उन्होंने नशे के विरूध जागरूक, साइबर क्राइम, महिला विरुद्ध अपराध व यातायात नियमों के बारे जागरूक किया।
Bhoop Express Live www.bhoopexpresslive.com