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राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया ने एमडीयू में बायोगैस प्लांट का किया शुभारंभ

भूप एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क :
रोहतक, 7 अक्तूबर (अशोक धीमान)। अक्षय ऊर्जा आज समय की जरूरत है। बढ़ते पर्यावरणीय संकट और विशेष रूप से ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में सामूहिक और प्रभावी प्रयास आवश्यक हैं। जैविक कचरे से बायोगैस तैयार करने वाली एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन सुविधा की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और अनुकरणीय पहल है। यह बात राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया ने बुधवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में नवनिर्मित एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन सुविधा एवं बायोगैस प्लांट का उद्घाटन करते हुए कही।
डॉ. सतीश पूनिया ने कहा कि अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों और समाज में जागरूकता पैदा करना भी जरूरी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण एवं टिकाऊ विकास की दिशा में एमडीयू द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में जैविक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन की यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छ एवं हरित परिसर की अवधारणा को साकार करने में मदद करेगी।
राज्यसभा सांसद ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत एमडीयू द्वारा विद्यार्थी-केंद्रित सेवाओं और सामाजिक सरोकारों को बढ़ावा देने की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों की ऐसी पहलें सेवा, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने कहा कि विश्वविद्यालय हरित ऊर्जा, टिकाऊ विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नवनिर्मित बायोगैस प्लांट से विश्वविद्यालय के तीन गर्ल्स हॉस्टल की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति होगी। साथ ही, जैविक कचरे के प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी लाने में मदद मिलेगी। प्रो. मिलाप पूनियाँ ने एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन सुविधा के लिए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत सहयोग एवं वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एनजीओ ‘साहस’ और नवारंभव सोशल फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों के बीच ऐसे सहयोग टिकाऊ विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विश्वविद्यालय के अधीक्षण अभियंता जे.एस. दहिया ने उपस्थित जनों को एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन सुविधा की प्रमुख विशेषताओं और इसकी कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुविधा के माध्यम से जैविक अपशिष्ट का उपयोग कर बायोगैस तैयार की जाएगी, जिससे कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के साथ ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर एमडीयू के कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. रणदीप राणा, डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल प्रो. राजेश पूनिया, चीफ वार्डन (गर्ल्स) एवं डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. सपना गर्ग, चीफ वार्डन (बॉयज) प्रो. सुधीर कुमार, एमडीयू एनटीईए के अध्यक्ष सुरेश कुमार सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। रोहतक के मेयर राम अवतार वाल्मीकि, भाजपा के प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय बंसल, भाजपा के जिला अध्यक्ष अधिवक्ता रणबीर ढाका, भाजपा नेता विजयपाल, अजय खुंडिया, राज कुमार कपूर भी कार्यक्रम में उपस्थित तथा सहयोगी एनजीओ के प्रतिनिधि हितेश और गोविन्द भी मौजूद रहे।

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